Chanakya Niti सम्पूर्ण चाणक्य नीति Book PDF Hindi

94 / 100

Chanakya Niti Download PDF of सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book in Hindi from the link available below in the article, Hindi सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book PDF free or read online using the direct link given at the bottom of content.. सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book PDF Hindi

चाणक्य नीति
चाणक्य एक प्राचीन भारतीय शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, न्यायविद् और शाही सलाहकार थे। उन्हें पारंपरिक रूप से कौटिल्य या विष्णुगुप्त के रूप में पहचाना जाता है, जिन्होंने प्राचीन भारतीय राजनीतिक ग्रंथ, अर्थशास्त्र, लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व और तीसरी शताब्दी के बीच का एक ग्रंथ लिखा था। चाणक्य ने प्रथम मौर्य सम्राट चन्द्रगुप्त की सहायता की थी।

Chanakya Niti

चाणक्य नीति एक ऐसा धर्मशास्त्र है जो हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाती है। यह हमारी सफलता, समृद्धि और सुख की संभवतः मार्गदर्शन है। चाणक्य नीति में हमें संभवतः स्वास्थ्य, समृद्धि, सफलता, न्यायप्रियता और सम्मान की महत्वपूर्ण पहचान मिलती है। इसलिए हमारे जीवन में चाणक्य नीति का अहम स्थान है। आज हम इस पोस्ट में चाणक्य नीति से संबंधित कुछ अहम बातें जानेंगे जो हमारे जीवन में बहुत फायदेमंद होंगे।

Chananaky Niti Book PDF Hindi

PDF Name सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book

No. of Pages 379

PDF Size 4.37 MB

Language Hindi

PDF Category eBooks & Novels

Last Updated January 5, 2023

Source / Credits drive.google.com Comments ✎

Uploaded By. Amod

सम्पूर्ण चाणक्य नीति – Chanakya Niti Hindi. सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book PDF Hindi

सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book हिन्दी PDF डाउनलोड करें इस लेख में नीचे दिए गए लिंक से। अगर आप सम्पूर्ण चाणक्य नीति – Chanakya Niti हिन्दी पीडीएफ़ डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस लेख में हम आपको दे रहे हैं सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti)

Book के बारे में सम्पूर्ण जानकारी और पीडीएफ़ का direct डाउनलोड लिंक।. सम्पूर्ण चाणक्य नीति Book PDF Hindi “चाणक्य नीति” आचार्य चाणक्य की नीतियों का अद्भुत संग्रह है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना वह दो हजार चार सौ साल पहले था, जब इसे लिखा गया था. सम्पूर्ण चाणक्य नीति (Chanakya Niti) Book PDF Hindi

Chanakya Niti Book

आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत ‍और नीतियाँ प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्‍ययन, चिंतन और जीवानानुभवों से अर्जित

अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के उद्‍देश्य से अभिव्यक्त किया। चाणक्य नीति द्वारा मित्र-भेद से लेकर दुश्मन तक की पहचान, पति-परायण तथा चरित्र हीन स्त्रियों में विभेद, राजा का कर्तव्य और जनता के अधिकारों तथा वर्ण व्यवस्था का उचित निदान हो जाता है। महापंडित आचार्य चाणक्य की ‘चाणक्य नीति’ में कुल सत्रह अध्याय है, जिन्हे आप नीचे दिए गए लिंक्स पर पढ़ सकते हैं !!. सम्पूर्ण चाणक्य नीति Book PDF Hindi

Acharya Chanakya Niti Book PDF download. डाउनलोड करें सम्पूर्ण चाणक्य नीति पीडीएफ़ हिन्दी में।.

उनकी पुस्तक, जिसे वर्तमान में चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है, भारतीय इतिहास में कई राजाओं की प्रेरणा थी।
चाणक्य नीति पुस्तक में 17 अध्याय हैं और प्रत्येक अध्याय में जीवन, दोस्ती, कर्तव्य, प्रकृति, पत्नी, बच्चों, धन, व्यवसाय और अन्य सभी चीजों के बारे में उल्लेख किया गया है जो हमारे जीवन को सरल बना कर हमें सफल बनने में मदद करते हैं
चाणक्य नीति सभी के लिए है, और कोई भी इसे पढ़ सकता है और जीवन को सफल बना सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप छात्र हैं या शिक्षक। इस पुस्तक में उन सभी सवालों का जवाब है जो आपको सफल बनने में मदद करेंगे

Chanakya Niti

चाणक्य निति के सभी 17 अध्यायों को एक पुस्तक की तरह यहाँ पढ़ें, चाणक्य निति का हर अध्याय आपको अद्वितीय जीवन पाठ सिखाता है और आपको जीवन के विभिन्न परिप्रेक्ष्य दिखाता है।
आप प्रकृति, जानवरों, महिलाओं, पुरुषों, बच्चों, दुश्मन, दोस्त, पड़ोसी, पत्नी और मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानेंगे।
यदि आप चाणक्य नीति को पूरी तरह से पढ़ते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, तो कोई भी आपको सफल होने से रोक नहीं सकता आप कभी भी किसी के धोखे का शिकार नहीं होंगे और जीवन में हमेशा सफलता पाएंगे।
यह पुस्तक आपको सिखाती है कि प्रकृति मनुष्यों को कैसे प्रेरित करती है या आप छोटी चीजों को कैसे प्रेरणादायक पा सकते हैं।

तदंसंदवृयत्सं लोकानन्त्वहत्कय:।
येन स्वा’उनमाचेन स्व’एवेन उपयुक्त.ई.

Chanakya Niti

दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।

भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।

अच्छा मित्र वही है जो हमे निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे: आवश्यकता पड़ने पर, किसी दुर्घटना पड़ने पर, जब अकाल पड़ा हो, जब युद्ध चल रहा हो, जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े, और जब हमे समशान घाट जाना पड़े।

५. ऐसे लोगों से बचे जो आपके मुह पर तो मीठी बातें करते हैं, लेकिन आपके पीठ पीछे आपको बर्बाद करने की योजना बनाते है, ऐसा करने वाले तो उस विष के घड़े के समान है जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है।

मन में सोंचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें बल्कि मनन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हुए उसे कार्य में परिणत कर दें।

हर पर्वत पर माणिक्य नहीं होते, हर हाथी के सर पर मणी नहीं होता, सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं होते और हर वन मे चन्दन के वृक्ष भी नहीं होते हैं।

ऐसा एक भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आपने एक श्लोक, आधा श्लोक, चौथाई श्लोक, या श्लोक का केवल एक अक्षर नहीं सीखा, या आपने दान, अभ्यास या कोई पवित्र कार्य नहीं किया।

नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर मे जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा – ये सब निश्चय ही शीघ्र नस्ट हो जाते हैं।

जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले, एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है, वह शीघ्र नष्ट हो जाता है।

इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है.सदा सुख किसको रहता है?

एक दुर्जन और एक सर्प मे यह अंतर है की साप तभी डंख मरेगा जब उसकी जान को खतरा हो लेकिन दुर्जन पग पग पर हानि पहुचने की कोशिश करेगा .

राजा लोग अपने आस पास अच्छे कुल के लोगो को इसलिए रखते है क्योंकि ऐसे लोग ना आरम्भ मे, ना बीच मे और ना ही अंत मे साथ छोड़कर जाते है.

कोयल की सुन्दरता उसके गायन मे है. एक स्त्री की सुन्दरता उसके अपने पिरवार के प्रति समर्पण मे है. एक बदसूरत आदमी की सुन्दरता उसके ज्ञान मे है तथा एक तपस्वी की सुन्दरता उसकी क्षमाशीलता मे है

जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है.

एक ऐसा बालक जो जन्मते वक़्त मृत था, एक मुर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है. पहला बालक तो एक क्षण के लिए दुःख देता है, दूसरा बालक उसके माँ बाप को जिंदगी भर दुःख की अग्नि में जलाता है.

दीपक अँधेरे का भक्षण करता है इसीलिए काला धुआ बनाता है. इसी प्रकार हम जिस प्रकार का अन्न खाते है. माने सात्विक, राजसिक, तामसिक उसी प्रकार के विचार उत्पन्न करते है.

वह आदमी अभागा है जो अपने बुढ़ापे में पत्नी की मृत्यु देखता है. वह भी अभागा है जो अपनी सम्पदा संबंधियों को सौप देता है. वह भी अभागा है जो खाने के लिए दुसरो पर निर्भर है.

क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है.

इन सातो को जगा दे यदि ये सो जाए… १. विद्यार्थी २. सेवक ३. पथिक ४. भूखा आदमी ५. डरा हुआ आदमी ६. खजाने का रक्षक ७. खजांची

इन सातो को नींद से नहीं जगाना चाहिए… १. साप २. राजा ३. बाघ ४. डंख करने वाला कीड़ा ५. छोटा बच्चा ६. दुसरो का कुत्ता ७. मुर्ख

यदि नाग अपना फना खड़ा करे तो भले ही वह जहरीला ना हो तो भी उसका यह करना सामने वाले के मन में डर पैदा करने को पर्याप्त है. यहाँ यह बात कोई माइना नहीं रखती की वह जहरीला है की नहीं.

जिसके पास धन नहीं है वो गरीब नहीं है, वह तो असल में रहीस है, यदि उसके पास विद्या है. लेकिन जिसके पास विद्या नहीं है वह तो सब प्रकार से निर्धन है.

जिसे अपनी कोई अकल नहीं उसकी शास्त्र क्या भलाई करेंगे. एक अँधा आदमी आयने का क्या करेगा.

आप चाहे सौ बार पवित्र जल में स्नान करे, आप अपने मन का मैल नहीं धो सकते. उसी प्रकार जिस प्रकार मदिरा का पात्र पवित्र नहीं हो सकता चाहे आप उसे गरम करके सारी मदिरा की भाप बना दे.

एक विद्यार्थी पूर्ण रूप से निम्न लिखित बातो का त्याग करे. १. काम २. क्रोध ३. लोभ ४. स्वादिष्ट भोजन की अपेक्षा. ५. शरीर का शृंगार ६. अत्याधिक जिज्ञासा ७. अधिक निद्रा ८. शरीर निर्वाह के लिए अत्याधिक प्रयास.

Leave a Comment